DNS क्या है? इसका क्या काम है?

Hello दोस्तों स्वागत है आपका ABF  Techworld में। आज हम यहाँ  DNS क्या है? और इसका क्या काम है। के बारे में बात करने वाले हैं तो अगर आपको DNS क्या है? और इसका क्या काम है। के बारे में नहीं पता तो आपको इस Artical को पूरा पड़ना चाहिए।
DNS क्या है


आज हम बहुत ही आसानी से Internet पर अपनी मन पसंद Website को आसानी access कर पाते हैं तो इस में इसमें DNS का बहुत बड़ा योगदान है।
हम हर रोज DNS  का उपयोग कर रहे हैं लेकिन फिर भी हम में से कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नही होती। तो चलिए Artical को ज्यादा न खीचते हुए हम सीधा Topic पर आते हैं।

DNS क्या है?

DNS का full form Domain Name System है। यह एक ऐसा System है जो की Domain Name को IP address यानि Number के Form में translate करता है ताकि Web browser यह समझ सके की आप Internet पर कौनसा Web page access करना चाहते हैं
 हर  Domain Name (जैसे abftechworld.in ) और internet से connected device एक unique IP address (जैसे: 197.14.43.15) होता है जिससे पता चलता है की website का content कौन से server पर store है।


इसकी तुलना आप phone book या  telephone directory से कर सकते हैं। आपने अपने Mobile phone के Contect list में देखा होगा की जहाँ पर एक तरफ Name और उसका Mobile number लिखा होता है ठीक उसी तरह domain name server में भी domain name और उसके ip address की जानकारी stored रहती है।

अब यहाँ पर एक सवाल यह आता है की दुनिया में बहुत सारी websites हैं तो क्या इन सभी की जानकारी किसी एक DNS सिस्टम में स्टोर होगी? नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है क्योकि ऐसा करना मुश्किल है।
जिस तरह Internet पूरी दुनिया फैला हुआ उसी तरह domain name servers भी कई सारे हैं जहाँ पर DNS information stored रहती है। ये servers आपस में Connect रहते हैं यदि एक DNS में जानकारी नही मिलती तो यह automatically दूसरे dns से सम्पर्क स्थापित कर लेता है।

हमें इस बात की जानकारी भी होना चाहिए की यह जरुरी नही है की एक Domain के केवल एक ही IP हो कई domain name एक से अधिक कभी कभी सैकड़ों IP addresses से जुड़े हुए भी हो सकते हैं।

DNS कैसे काम करता है?

जब हम Browser के Address बार में किसी Website की Address यानि domain name जैसे abftechworld.in Inter करते हैं तो सबसे पहला काम उस Domain का IP address ढूँढना होता है इसके लिए यह पहले browser के cache memory को Check किया जाता है यदि आप इससे पहले ABFTECHWORLD की Website को visit कर चुके हैं तो इसका IP Address आपके Browser के Cash में Store हो सकता है।

यदि कैश में IP मिल जाये तो इससे Website open हो जाती  है।
यदि browser cache में Ip की जानकारी stored नही है तो यह आपके system के operating system जैसे Windows, Android या Mac को request transfer करेगा।

आपका operating system इस request को resolver यानि आपके Internet Service Provider (ISP) को भेज देता है जिसके पास भी cache होता है जिसमे IP address का record हो सकता है।

यदि यहाँ IP मिल जाता है तो यह Process यही खत्म हो जाता है और client को IP की जानकारी दे दी जाती है और Website access हो जाता है।

यदि यहाँ भी Ip न मिले तो resolver से Request transfer हो कर root server को चला जाता है।

Root server आगे top level domain server को request करता है जिसे top-level domain जैसे .com, .org, .edu, .gov, .in के Server की जानकारी होती है। यहाँ Website के Domain के अनुसार उपयुक्त Top Level Domain Server से contact किया जाता है। जैसे हमारी Website ABFTECHWORLD के लिए .in server को request भेजा जायेगा।
Top Level Domain Server से जानकारी मिलने के बाद अब आखिर में authoritative name server से actual name server की जानकारी ली जाती है और यहाँ से Domain की IP पता चल जाती है।

जब IP address ढूंढ लिया जाता है तब इसे client यानि आपके computer को भेज दिया जाता है ताकि इसके जरिये Website को Access किया जा सके और IP को Cash में Store भी कर लिया जाता है ताकि अगली बार ये सारा Process फिर से न करना पड़े।

यहाँ पर आपने देखा की एक IP address को find करने के लिए इतना लम्बा process follow किया जाता है, लेकिन कमाल की बात यह है की ये सारे steps कुछ milliseconds में ही complete हो जाते हैं।


यहाँ पर आपने जाना की DNS क्या है? इसका क्या काम है? लेकिन अगर आपका कोई भी सवाल है या अगर आपको किसी भी तरह की जानकारी चाहिए तो आप हमसे Comment Box में पूछ सकते हैं। 
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